चित्रकूट में BEL की अत्याधुनिक रक्षा इकाई, यूपी डिफेंस कॉरिडोर को मिली बड़ी मजबूती
नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026 । उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को बड़ी सौगात मिली है। चित्रकूट में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की अत्याधुनिक रक्षा विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और BEL को लेटर ऑफ कम्फर्ट दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे बुंदेलखंड में रक्षा उत्पादन को नई गति मिलने के साथ रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने की उम्मीद है।
समिति ने BEL को ‘लेटर ऑफ कम्फर्ट’ प्रदान किए जाने संबंधी प्रस्ताव को निर्धारित प्रक्रियाओं तथा सक्षम स्तरों पर परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद मंजूरी दी है। प्रस्ताव की मंजूरी से चित्रकूट नोड में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है।
चित्रकूट बनेगा रक्षा उत्पादन का नया केंद्र
चित्रकूट यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह रणनीतिक नोड्स में शामिल है। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार कॉरिडोर में चित्रकूट समेत छह नोड्स के जरिए रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में बड़े निवेश को आकर्षित किया जा रहा है। मार्च 2026 तक कॉरिडोर में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश और नौ प्रमुख इकाइयों में उत्पादन शुरू होने की जानकारी सरकार ने दी थी।
BEL की नई इकाई से चित्रकूट की पहचान धार्मिक पर्यटन केंद्र के साथ-साथ डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी मजबूत हो सकती है।
600 करोड़ से ज्यादा का निवेश
नई परियोजना में 600 करोड़ रुपये से अधिक निवेश प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र में आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विकास होगा और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
इससे पहले चित्रकूट में BEL की परियोजना के लिए करीब 562.5 करोड़ रुपये के निवेश और भूमि आवंटन की जानकारी भी सामने आई थी।
बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार
चित्रकूट और बुंदेलखंड लंबे समय से औद्योगिक निवेश के लिहाज से अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते रहे हैं। ऐसे में बड़ी रक्षा कंपनी की इकाई स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलने की उम्मीद है।
नई इकाई के साथ इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, लॉजिस्टिक्स, सुरक्षा उपकरण और अन्य सहायक उद्योगों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को रक्षा क्षेत्र की सप्लाई चेन से जुड़ने का मौका मिल सकता है।
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
BEL भारत की प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है। चित्रकूट में उसकी अत्याधुनिक इकाई स्थापित होना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर का उद्देश्य रक्षा उपकरणों और संबंधित उत्पादों के निर्माण के लिए राज्य में मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है। कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट इसके छह प्रमुख नोड हैं।
यूपी डिफेंस कॉरिडोर में लगातार बढ़ रहा निवेश
उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक कॉरिडोर में अब तक हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं और कई कंपनियों ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है। कानपुर में बड़े पैमाने पर गोला-बारूद निर्माण, अलीगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और सैटेलाइट तकनीक तथा लखनऊ में रक्षा एवं मिसाइल से जुड़े उत्पादन शुरू होने की जानकारी सरकार ने दी है।
ऐसे में चित्रकूट में BEL की नई इकाई कॉरिडोर के विस्तार को और मजबूती दे सकती है। आने वाले समय में यहां रक्षा उपकरणों के निर्माण के साथ स्थानीय उद्योगों और कुशल तकनीकी मानव संसाधन की मांग भी बढ़ सकती है।
रोजगार और स्थानीय कारोबार को फायदा
इस परियोजना का सबसे बड़ा असर स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के रूप में देखने को मिल सकता है। बड़े रक्षा संयंत्र के आसपास ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, मेंटेनेंस, तकनीकी सेवाओं और अन्य सहायक व्यवसायों का विस्तार होने की संभावना रहती है।
कुल मिलाकर, चित्रकूट में BEL की अत्याधुनिक रक्षा इकाई यूपी डिफेंस कॉरिडोर के लिए रणनीतिक और औद्योगिक दोनों लिहाज से अहम कदम है। इससे बुंदेलखंड में रक्षा निर्माण का आधार मजबूत होने और चित्रकूट को देश के उभरते डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग केंद्रों में शामिल करने की दिशा में मदद मिल सकती है।