पंजाब में गैंगस्टरों पर भगवंत मान सरकार का बड़ा एक्शन

200 दिनों में 731 छापे और 429 गिरफ्तारियां; जानिए पूरा हिसाब

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मोहाली, 08 अगस्त 2026 । पंजाब में गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ सरकार की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए गए ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के करीब 200 दिनों के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कई स्तरों पर कार्रवाई की। इस अवधि में 731 छापेमारी और 429 गिरफ्तारियां किए जाने का दावा किया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के मार्गदर्शन में शुरू किया गया ‘गैंगस्टरां ते वार’ एक खुफिया सूचना-आधारित अभियान है, जिसका उद्देश्य लक्षित कार्रवाई, अंतरराज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय समन्वय, वित्तीय जांच तथा तकनीक-आधारित पुलिसिंग के माध्यम से संगठित अपराध गिरोहों का पूरी तरह सफाया करना है।

सरकार का फोकस गैंगस्टर नेटवर्क को कमजोर करने, उनके सहयोगियों तक पहुंचने, अवैध हथियारों पर कार्रवाई करने और अपराध से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसने पर रहा है।

200 दिनों में 731 जगहों पर छापेमारी

अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और उनसे जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी की। करीब 200 दिनों में 731 रेड किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन कार्रवाइयों के दौरान पुलिस ने गैंगस्टरों के ठिकानों, उनके सहयोगियों और संदिग्ध संपर्कों से जुड़े स्थानों की तलाशी ली। इसका उद्देश्य गैंगस्टर नेटवर्क की जमीनी पकड़ को कमजोर करना और उनके लिए काम करने वाले लोगों की पहचान करना रहा।

429 लोगों की गिरफ्तारी

सरकार के अनुसार अभियान के दौरान 429 गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस की कार्रवाई केवल मुख्य आरोपियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े सहयोगियों और अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसा गया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के जरिए पुलिस गिरोहों के नेटवर्क, फंडिंग और हथियारों की सप्लाई से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा सकती है। इससे आगे की कार्रवाई के लिए भी पुलिस को सुराग मिलने की संभावना रहती है।

हथियार और गैंग नेटवर्क पर फोकस

गैंगस्टर गतिविधियों को रोकने के लिए हथियारों की बरामदगी और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ना भी अभियान का अहम हिस्सा रहा। गैंग से जुड़े मामलों में हथियारों का इस्तेमाल अक्सर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने के लिए किया जाता है।

पुलिस की ओर से गैंगस्टरों के नेटवर्क की निगरानी के साथ-साथ उनके सहयोगियों और संभावित फाइनेंसरों पर भी नजर रखने की कोशिश की जा रही है।

विदेश से संचालित नेटवर्क भी निशाने पर

पंजाब में गैंगस्टर नेटवर्क का एक हिस्सा विदेशों से संचालित होने के आरोपों के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है। विदेश में बैठे गैंगस्टरों और पंजाब में उनके संपर्कों के बीच होने वाली गतिविधियों की जांच को भी अभियान में महत्व दिया गया है।

पुलिस ऐसे मामलों में सोशल मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सुरागों का इस्तेमाल कर नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश करती है।

संगठित अपराध पर सरकार का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार लगातार यह संदेश देती रही है कि पंजाब में गैंगस्टर और संगठित अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। ‘गैंगस्टरां ते वार’ अभियान के आंकड़े इसी नीति के तहत की गई कार्रवाई को दर्शाते हैं।

731 छापों और 429 गिरफ्तारियों का आंकड़ा बताता है कि अभियान के दौरान पुलिस ने गैंगस्टर नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाए रखने की रणनीति अपनाई। आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों को जारी रखने पर जोर दिया जा सकता है।

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