नई दिल्ली, 22 सितंबर 2026 । स्मार्टफोन की स्क्रीन को खरोंच और टूटने से बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले टेम्पर्ड ग्लास और स्क्रीन प्रोटेक्टर को लेकर केंद्र सरकार ने नया नियम लागू करने का फैसला किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य BIS रजिस्ट्रेशन के दायरे में शामिल कर दिया है। इसके तहत संबंधित उत्पादों को तय भारतीय मानक का पालन करना होगा।
सरकार ने 21 सितंबर 2026 को Electronics and Information Technology Goods (Requirement of Compulsory Registration) Order, 2021 में संशोधन की अधिसूचना जारी की। इसके मुताबिक स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए IS 19348:2025 – Glass Screen Protector — Specification मानक निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगी।
1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम
नए प्रावधान को लेकर सबसे अहम बात यह है कि स्क्रीन प्रोटेक्टर पर BIS संबंधी अनिवार्यता तत्काल लागू नहीं हो रही है। सरकार ने इसके लिए 1 अप्रैल 2027 की तारीख तय की है।
इसका मतलब है कि निर्माताओं और आयातकों को नए मानकों के अनुरूप अपने उत्पाद तैयार करने तथा आवश्यक रजिस्ट्रेशन और अनुपालन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय मिलेगा। 1 अप्रैल 2027 से संबंधित स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए निर्धारित नियामकीय जरूरतों का पालन करना होगा।
IS 19348:2025 में क्या होगा खास?
स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए तय IS 19348:2025 मानक ग्लास की गुणवत्ता और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं को निर्धारित करता है। इसका उद्देश्य इस कैटेगरी के उत्पादों के लिए एक समान गुणवत्ता मानक उपलब्ध कराना है।
रिपोर्टों के मुताबिक इसमें स्क्रीन प्रोटेक्टर की मोटाई, आकार, ग्लास की मजबूती और पारदर्शिता जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। इसके अलावा एंटी-शैटर फिल्म, ओलेओफोबिक कोटिंग, एंटी-ग्लेयर और ब्लू-लाइट फिल्टर जैसी सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की भी जांच के प्रावधान हैं।
फिलहाल बाजार में स्मार्टफोन के लिए अलग-अलग कीमत और गुणवत्ता वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर उपलब्ध हैं। कई उत्पाद ब्रांडेड हैं, जबकि बड़ी संख्या में बिना ब्रांड वाले स्क्रीन गार्ड भी बाजार में मिलते हैं।
नए नियम का उद्देश्य इस कैटेगरी में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को लागू करना है। BIS के अनिवार्य प्रमाणन ढांचे में शामिल उत्पादों के लिए सरकार भारतीय मानकों के अनुपालन को जरूरी कर सकती है। BIS के अनुसार जिन उत्पादों के लिए केंद्र सरकार ने अनिवार्य प्रमाणन तय किया है, उनके लिए संबंधित मानकों का पालन आवश्यक होता है।
कंपनियों और इंपोर्टर्स पर पड़ेगा सीधा असर
इस फैसले का सीधा असर स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों और विदेश से इन्हें आयात करने वाले कारोबारियों पर पड़ेगा। उन्हें अपने उत्पादों को निर्धारित भारतीय मानक के अनुरूप तैयार करना होगा।
इसके अलावा लागू BIS रजिस्ट्रेशन और टेस्टिंग संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। इससे कंपनियों को अपनी उत्पादन प्रक्रिया और उत्पाद गुणवत्ता की जांच के लिए अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ सकती है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए नए नियम का असर मुख्य रूप से बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। निर्धारित मानकों के लागू होने के बाद ग्राहकों को स्क्रीन गार्ड खरीदते समय उत्पाद की गुणवत्ता और संबंधित अनुपालन संबंधी जानकारी पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
हालांकि, BIS मानक का पालन होने का यह मतलब नहीं है कि कोई स्क्रीन प्रोटेक्टर स्मार्टफोन की स्क्रीन को हर तरह के नुकसान से पूरी तरह सुरक्षित कर देगा। वास्तविक सुरक्षा उत्पाद की सामग्री, डिजाइन, मोटाई और इस्तेमाल की स्थिति समेत कई कारकों पर निर्भर करती है।
क्या महंगा हो सकता है स्क्रीन गार्ड?
नए नियम के कारण स्क्रीन प्रोटेक्टर की कीमत बढ़ेगी या नहीं, यह अभी निश्चित नहीं है। हालांकि, कंपनियों को टेस्टिंग, मानक अनुपालन और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी लागत उठानी पड़ सकती है। ऐसी अतिरिक्त लागत का कुछ असर उत्पाद की कीमत पर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, नए मानकों के कारण बाजार में उपलब्ध बहुत सस्ते या कम गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए कारोबार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कीमतों पर वास्तविक असर नियम लागू होने के बाद बाजार की स्थिति से स्पष्ट होगा।
1 अप्रैल 2027 से बदल जाएगा नियम
सरकार की अधिसूचना के अनुसार 1 अप्रैल 2027 से स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए IS 19348:2025 मानक के अनुरूपता की आवश्यकता लागू होगी। यानी निर्माताओं और संबंधित कारोबारियों को इससे पहले अपनी तैयारी पूरी करनी होगी।
इस फैसले के बाद स्मार्टफोन का स्क्रीन गार्ड महज एक सामान्य मोबाइल एक्सेसरी नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए भी औपचारिक गुणवत्ता और नियामकीय व्यवस्था लागू होगी।