अमृतसर , 07 अगस्त 2026 । कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के आपराधिक नेटवर्क को लेकर कनाडा से गंभीर दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कनाडाई खुफिया एजेंसी ने आरोप लगाया है कि बिश्नोई गैंग कथित तौर पर स्टूडेंट वीजा और वर्क परमिट के माध्यम से कनाडा में अपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संगठित अपराध से जुड़े कुछ तत्व इन वैध आव्रजन मार्गों का दुरुपयोग कर अपने प्रभाव का विस्तार करने का प्रयास कर सकते हैं।
लगातार बढ़ रही ऐसे लोगों की संख्या
‘द बिश्नोई गैंग: एन इमर्जिंग थ्रेट इन कनाडा’ नाम की इस गाइड में कथित तौर पर कहा गया है कि भारत आधारित नेटवर्क ने कनाडा के अस्थायी इमिग्रेशन कार्यक्रमों का इस्तेमाल अपनी गतिविधियों को विस्तार देने के लिए किया। कनाडाई मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंसियों की जांच में संगठित अपराध से जुड़े भारतीय नागरिकों में ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है। इनके पास स्टडी या वर्क परमिट है। इससे कनाडा की सीमा सुरक्षा और इमिग्रेशन स्क्रीनिंग व्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां ऐसे मामलों की निगरानी कर रही हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, जबरन वसूली, धमकी, वित्तीय अपराध और आपराधिक नेटवर्क के विस्तार की आशंका जताई गई है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति वैध आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग कर आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्टूडेंट वीजा और वर्क परमिट पर कनाडा जाने वाले अधिकांश भारतीय छात्र और पेशेवर कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। जांच केवल संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक नेटवर्क तक सीमित है और इसका संबंध आम छात्रों या प्रवासी समुदाय से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
पिछले कुछ वर्षों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भारत और विदेशों में कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों, रंगदारी, धमकी और संगठित अपराध से जुड़ी जांचों में सामने आया है। इसी कारण भारत और कनाडा सहित विभिन्न देशों की सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर नजर बनाए हुए हैं। सीमा पार संचालित होने वाले आपराधिक गिरोहों पर अंकुश लगाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध से निपटने के लिए देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करना, वित्तीय लेनदेन की निगरानी और आव्रजन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि किसी मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित एजेंसियां स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई करती हैं।