चंडीगढ़, 30 जुलाई 2026 । कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया संबोधन के दौरान पंजाब के लगभग सभी कांग्रेस सांसद कार्यक्रम से जुड़े रहे, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया। उनकी अनुपस्थिति के बाद यह सवाल उठने लगे कि आखिर वह इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्यों शामिल नहीं हुए।
फरीदकोट में कांग्रेस धरने का किया नेतृत्व
संसद में मौजूद रहने के बजाय चन्नी फरीदकोट पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के बाहर फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस मामले में पंजाब पुलिस पहले ही एक बड़े अंतरराज्यीय नकल रैकेट का खुलासा करने का दावा कर चुकी है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी के भाषण के लिए कोई आधिकारिक व्हिप जारी नहीं किया गया था, लेकिन कांग्रेस संसदीय दल के प्रमुख और अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सभी सांसदों को व्हाट्सएप संदेश भेजकर दोपहर 12 बजे से लोकसभा में मौजूद रहने को कहा था। राहुल गांधी ने करीब एक बजे अपना संबोधन दिया।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के संबोधन को पंजाब के अधिकांश कांग्रेस सांसद देख और सुन रहे थे, जबकि चरणजीत सिंह चन्नी किसी अन्य पूर्व निर्धारित कार्यक्रम या व्यस्तता के कारण इसमें शामिल नहीं हो सके। हालांकि, उनकी गैरहाजिरी को लेकर राजनीतिक अटकलें भी लगाई जा रही हैं। कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि उनकी अनुपस्थिति के पीछे क्या वजह थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में किसी प्रमुख नेता की अनुपस्थिति स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाती है। हालांकि, केवल किसी कार्यक्रम में शामिल न होने से राजनीतिक मतभेद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में आधिकारिक स्पष्टीकरण या संबंधित नेता का बयान सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होती है।
फिलहाल, चरणजीत सिंह चन्नी की गैरमौजूदगी को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं जारी हैं, लेकिन इसकी वास्तविक वजह पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। वहीं, कांग्रेस नेतृत्व आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर लगातार फोकस बनाए हुए है।