चंडीगढ़/अंबाला , 30 जुलाई 2026 । हरियाणा सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए अंबाला में विश्वस्तरीय इंडस्ट्रियल पार्क के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 304 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित कर घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित करना, नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है।
‘प्लग-एंड-प्ले’ इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा
इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट के तहत एचएसआईआईडीसी के आने वाले आईएमटी अंबाला में 108.58 एकड़ में निवेश के लिए तैयार, ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किया जाएगा। 304.10 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश वाले इस प्रोजेक्ट से राज्य के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार होने और भारत के पसंदीदा मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के तौर पर इसकी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। बैठक के दौरान, राज्य-स्तरीय समिति ने भव्य योजना के तहत सिफारिश करने से पहले प्रस्ताव के तकनीकी, वित्तीय और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की। यह योजना देश भर में 100 वर्ल्ड-क्लास इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए शुरू की गई है, जिस पर छह साल में 33,660 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक सड़क नेटवर्क, बिजली, पानी, ड्रेनेज, सीवरेज, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और अन्य अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पार्क में निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे औद्योगिक इकाइयों को संचालन में आसानी हो और उत्पादन क्षमता बढ़ सके।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से अंबाला क्षेत्र औद्योगिक निवेश का नया केंद्र बनकर उभरेगा। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के साथ-साथ बड़े उद्योगों को भी विस्तार का अवसर मिलेगा। स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
यह परियोजना हरियाणा की औद्योगिक नीति के अनुरूप राज्य में संतुलित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना विकसित कर निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिससे हरियाणा देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके।