नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई में तेजी, बिहार में तीन फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी

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पटना, 29  जुलाई 2026 । नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई को तेज और प्रभावी बनाने के लिए बिहार सरकार तीन फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की तैयारी में है। प्रस्ताव के अनुसार, पटना, पूर्णिया और लखीसराय में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे। इन अदालतों के गठन के लिए संबंधित प्रस्ताव और याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष दायर की जाएगी, ताकि मामले की सुनवाई में तेजी लाई जा सके और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नीट पेपर लीक मामले से जुड़े कई अभियुक्तों, चार्जशीट और गवाहों को देखते हुए सामान्य अदालतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसी कारण विशेष अदालतों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन अदालतों में इस मामले से संबंधित मुकदमों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कराई जाएगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो सके।

छात्रों पर दर्ज 64 मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया शुरू

बिहार सरकार के फैसले को देखते हुए महाधिवक्ता ने संबंधित जिलों के डीएम और अभियोजन पदाधिकारियों को पत्र भेजकर 26 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे से पहले दर्ज सभी केस वापस लेने का निर्देश दिया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कुल 64 मामले दर्ज किए गए हैं, जिन्हें वापस लिया जा रहा है।

पटना, पूर्णिया और लखीसराय को इसलिए चुना गया है क्योंकि जांच के दौरान इन जिलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य और आरोपी सामने आए थे। जांच एजेंसियां पहले ही कई गिरफ्तारियां कर चुकी हैं और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया भी जारी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने के बाद गवाहों के बयान, साक्ष्यों की जांच और मुकदमों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

नीट पेपर लीक मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच तथा त्वरित सुनवाई की मांग लगातार उठती रही है। यदि फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को न्यायिक मंजूरी मिलती है, तो इससे मामले के शीघ्र निपटारे में मदद मिल सकती है। फिलहाल अदालत की स्वीकृति और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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