नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026 । घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ताजा कारोबारी सत्र में चांदी ₹6,543 प्रति किलोग्राम टूटकर लगभग ₹2.18 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई, वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,907 रुपए गिरकर 1.43 लाख रुपए पर आ गया है। एक ही दिन में आई इस तेज गिरावट ने बुलियन बाजार और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी, मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव जैसी वजहों से चांदी के दाम पर दबाव देखने को मिला।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों, अमेरिकी डॉलर की चाल, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार के रुझान का सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ता है। चूंकि चांदी का उपयोग निवेश के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है, इसलिए मांग में बदलाव का असर इसकी कीमतों में तेजी से दिखाई देता है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अल्पकाल में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजार की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। यदि वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है तो चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
सोना-चांदी में निवेश करने वाले विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी बड़े निवेश निर्णय से पहले बाजार की मौजूदा स्थिति, जोखिम और दीर्घकालिक निवेश रणनीति का आकलन करना जरूरी है। कीमतों में आई इस गिरावट को कुछ निवेशक खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य निवेशक बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं।
इस साल सोने में अब तक तेजी रही
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है।