नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026 । भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नई पीढ़ी की कुछ महिलाओं के पहनावे और जीवनशैली पर टिप्पणी करते हुए “गटर छाप” शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और इसे लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक बहस तेज हो गई है।
कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा है, ‘सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।’
आगे कंगना ने लिखा, ‘आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें ‘गटर जेनरेशन’ कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।’
कंगना रनौत ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिकता के नाम पर भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों से दूरी नहीं बनानी चाहिए। उनका कहना था कि फैशन, जीवनशैली और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ गरिमा और सांस्कृतिक मूल्यों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी संदर्भ में उन्होंने विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद उनका बयान चर्चा का विषय बन गया।
कंगना के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण की बात की है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणी महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाती है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनके बयान का विरोध किया, वहीं कुछ लोगों ने उनका समर्थन भी किया।
यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनौत का कोई बयान विवादों में आया हो। इससे पहले भी वह सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय को लेकर चर्चा में रही हैं। फिलहाल उनके इस बयान पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और यह मुद्दा सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है।