नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026 । कीमती धातुओं के बाजार में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी ₹3,155 प्रति किलोग्राम सस्ती होकर ₹2.17 लाख प्रति किलो के स्तर पर आ गई। एक ही कारोबारी सत्र में आई इस तेज गिरावट ने सर्राफा कारोबारियों और निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख, मुनाफावसूली और औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव जैसे कारकों का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। इसके चलते चांदी के भाव में तेज नरमी दर्ज की गई। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक संकेतकों, डॉलर की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर बनी हुई है।
चांदी का उपयोग केवल निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। ऐसे में इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उद्योग और निवेश, दोनों पर पड़ता है।
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम, ब्याज दरों से जुड़े फैसले और वैश्विक मांग-आपूर्ति की स्थिति चांदी की कीमतों की दिशा तय कर सकती है। निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।