नई दिल्ली, भारतीय टीम को टी20 क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। मैच के दौरान बल्लेबाजी पूरी तरह विफल रही और टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर भी दर्ज किया। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका, जिसके चलते भारत को एकतरफा हार झेलनी पड़ी।
इंग्लैंड ने तीसरे टी-20 मैच में भारत को 125 रन से हरा दिया। यह टी-20 में भारत की सबसे बड़ी हार है। टीम 76 रनों पर ऑलआउट हुई। इस फॉर्मेट में भारत का यह दूसरा लोएस्ट टोटल है।
नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज पर हुए मुकाबले को देखने के लिए बर्थडे बॉय एमएस धोनी भी पहुंचे। वहीं वैभव सूर्यवंशी लगातार दूसरे मैच में फ्लॉप रहे। उन्हें जोफ्रा आर्चर ने 13 रन पर आउट किया।
इस मुकाबले के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने जन्मदिन के अवसर पर स्टेडियम में मौजूद रहे और उन्होंने मैच का आनंद लिया। उनकी उपस्थिति ने प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन भारतीय टीम उनके सामने यादगार प्रदर्शन नहीं कर सकी।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार दूसरे मैच में उनका बल्ला शांत रहने से उनकी फॉर्म पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिए जाने चाहिए।
इस हार के बाद भारतीय टीम को बल्लेबाजी, टीम संयोजन और रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा। आगामी मुकाबलों में टीम बेहतर प्रदर्शन कर वापसी करने की कोशिश करेगी।