उत्तराखंड , 01 जुलाई 2026 । उत्तराखंड की राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तीन बार विधायक रह चुके मयूख महर एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में उनकी एक महिला कांग्रेस नेता के साथ मंच पर तीखी बहस हो गई। कार्यक्रम के दौरान हुआ यह विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
पिथौरागढ़ में कांग्रेस ने परिवर्तन संकल्प सम्मेलन का आयोजन किया। मंच पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक मयूख महर और हरीश धामी, पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल का स्वागत हुआ। कार्यक्रम के करीब 20 मिनट बाद महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी ने माइक पर संबोधन शुरू किया और निकाय चुनाव का मुद्दा उठाते हुए स्थानीय विधायक मयूख महर पर गंभीर आरोप लगा दिए।
मयूख महर लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और संगठन के साथ-साथ विधानसभा में भी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अपने स्पष्ट और बेबाक अंदाज के कारण वे अक्सर राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। क्षेत्रीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ और संगठनात्मक अनुभव उन्हें कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल करता है।
हालिया मंच विवाद ने पार्टी के भीतर अनुशासन और आंतरिक समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में हुई इस घटना के बाद कांग्रेस नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, पार्टी की ओर से मामले को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब उत्तराखंड कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक विवाद विपक्ष के साथ-साथ पार्टी संगठन के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है।