पटना, 29 जून् 2026 । बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार की सक्रियता चर्चा का विषय बन गई है। पद छोड़ने के बाद भी उन्होंने संगठन और सरकार से जुड़े मामलों में अपनी सक्रिय मौजूदगी का संकेत देते हुए मंत्रियों की जनसुनवाई शुरू होने से पहले अचानक जनता दल (यूनाइटेड) के प्रदेश कार्यालय पहुंचकर सभी को चौंका दिया।
मंत्रियों की जनसुनवाई से पहले पहुंचे पूर्व सीएम
सोमवार को जेडीयू कार्यालय में बिहार सरकार के मंत्रियों की नियमित जनसुनवाई का कार्यक्रम तय था। आज बिहार सरकार के मंत्री लेशी सिंह, श्रवण कुमार और सुनील कुमार को कार्यकर्ताओं और आम जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बैठना था। मंत्रियों के आने और जनसुनवाई की औपचारिक शुरुआत होने से ठीक पहले ही नीतीश कुमार का काफिला वहां पहुंच गया।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यालय में संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन को जनता के बीच और अधिक सक्रिय रखने पर जोर दिया। उनके अचानक दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा इस बात का संकेत है कि औपचारिक पद से अलग होने के बावजूद नीतीश कुमार पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। आगामी चुनावों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच उनकी सक्रियता को जेडीयू के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि, इस दौरे को लेकर पार्टी की ओर से इसे सामान्य संगठनात्मक गतिविधि बताया गया है। फिर भी बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की हर गतिविधि पर सभी दलों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर बनी हुई है।