पटना, 26 जून् 2026 । बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इस बीच वरिष्ठ नेता नागमणि ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी कथित रूप से बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक रंग देकर सरकार और उपमुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। नागमणि ने मारे गए भरत तिवारी के आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए उसे सूबे का सबसे बड़ा गुंडा और अपराधी करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार पुलिस के कुछ बड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे जानबूझकर सम्राट चौधरी की सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सम्राट के खिलाफ पुलिस हेडक्वार्टर में साजिश?
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर नागमणि ने कहा, ‘सब ठीक नहीं चल रहा है। सारे पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो गया। ये गलत है।’ नागमणि ने सम्राट चौधीर को लेकर कहा, ‘कुछ पुलिस ऑफिसर भी सम्राट चौधरी जी के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। ये जितना ताना-बाना जो बुना जा रहा है, कुछ लोग को मुख्यमंत्री पच नहीं रहा है। इसीलिए ये तिल का ताड़ किया जा रहा है कि सम्राट चौधरी के इमेज को खराब करें। लेकिन मैं आपको बहुत साफ कह रहा हूं कि बीजेपी आला कमान हो या बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी सब लोग इसलिए मैं इनके पक्ष में हूं कि इन्होंने बहुत शानदार काम कर रहे हैं।’
नागमणि ने कहा कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति या राजनीतिक नेतृत्व को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उनके अनुसार, यदि किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
भरत तिवारी एनकाउंटर पहले से ही बिहार की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष लगातार इस मामले में सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मामले में लगातार आ रहे बयानों और आरोपों के कारण राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। विभिन्न दल अपने-अपने स्तर पर घटना को लेकर सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच एजेंसियां सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। इस बीच नागमणि के बयान ने पूरे मामले को नया राजनीतिक आयाम दे दिया है, हालांकि उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।