IPL टीमों का पूर्व फिजियोथेरेपिस्ट दिल्ली में गिरफ्तार, स्ट्रीट डॉग के साथ क्रूरता के आरोप से मचा हड़कंप

0

नई दिल्ली, 25 जून्‌ 2026 । दिल्ली में एक चौंकाने वाले मामले में IPL टीमों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम कर चुके एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक स्ट्रीट डॉग के साथ कथित रूप से क्रूरता और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप है। घटना सामने आने के बाद पशु प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

आरोप है कि चालक ने एक बार नहीं, बल्कि तड़प रहे डॉगी के ऊपर तीन-चार बार गाड़ी बैक कर चढ़ाई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई। सोशल मीडिया पर घटना का विडियो भी जमकर वायरल हुआ था। हादसे के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन जगतपुरी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी कार चालक डॉ. सैफी हसन नकवी को 22 जून को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी आईपीएल टीमों के साथ सीनियर फिजियोथेरेपिस्ट के रूप में काम कर चुका है।

पुलिस के अनुसार, मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू की गई और उपलब्ध साक्ष्यों, शिकायतों तथा अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया। घटना से जुड़े वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है।

बीएनएस की धारा 323 के तहत मामला दर्ज

  • पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एनजीओ चलाने वाले खजूरी खास निवासी पराग महेश्वरी ने 19 जून को शिकायत दी थी।
  • आरोप लगाया गया कि जितार नगर में रहने वाले एक कार चालक ने जानबूझकर एक आवारा डॉगी पर गाड़ी चढ़ा दी।
  • आरोप है कि ड्राइवर ने गाड़ी को कई बार बैक कर डॉगी के ऊपर चढ़ाया, जिससे उसकी मौत हो गई।
  • उनके बयान पर बीएनएस की धारा 323 (पशुओं को मारकर या अपंग करके नुकसान पहुंचाने का अपराध) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
  • फिर सीसीटीवी फुटेज की मदद और लोगों से पूछताछ की गई तो पता चला कि यह कार डॉ. सैफी हसन नकवी की है और वह जितार नगर में ही रहता है।
  • बाद उसकी गाड़ी भी घर के अंदर खड़ी मिली। हालांकि घटना के बाद से वह फरार चल रहा था।
  • आखिरकार उसकी पहचान करने के बाद 22 जून को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन जमानती धारा होने के कारण उसे थाने से ही जमानत मिल गई।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी खेल जगत से जुड़ा रहा है और विभिन्न पेशेवर क्रिकेट टीमों के साथ फिजियोथेरेपी सेवाएं दे चुका है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान मामला पूरी तरह से पशु क्रूरता के आरोपों से संबंधित है और जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

पशु अधिकार संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जानवरों के प्रति हिंसा और क्रूरता के मामलों में कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और संबंधित साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने पशु सुरक्षा और पशु अधिकारों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.