स्कूल खुलते ही शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन

487 शिक्षकों की कार्यप्रणाली जांच के घेरे में, शुरू हुआ हिसाब-किताब

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बांका , 24 जून्‌ 2026 । बिहार के बांका जिले में लगभग पांच सौ शिक्षकों को शिक्षा विभाग की कार्रवाई झेलनी पड़ सकती है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। विभागीय समीक्षा और निरीक्षण के दौरान 487 शिक्षकों से जुड़े मामलों को जांच के दायरे में लिया गया है, जिसके बाद उनके कार्य रिकॉर्ड, उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक दायित्वों का विस्तृत हिसाब-किताब शुरू कर दिया गया है। विभाग ने पाया कि ये शिक्षक बिना किसी कारण के और सूचना दिए ही अनुपस्थित पाए गए हैं। उसके बाद विभाग ने सभी 487 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप है।

जिला शिक्षा स्थापना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, विभागीय निर्देश के तहत 22 जून से सभी विद्यालयों का नियमित संचालन शुरू होना था। इसके लिए सभी शिक्षकों और शिक्षिकाओं की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। साथ ही स्पष्ट निर्देश जारी किया गया था कि विद्यालय खुलने के पहले दिन किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, स्कूल खुलने के साथ ही विभिन्न जिलों में निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसमें कई शिक्षकों के रिकॉर्ड और कार्य निष्पादन में अनियमितताओं के संकेत मिले। इसके बाद संबंधित शिक्षकों की उपस्थिति, अवकाश विवरण, विद्यालय में समयबद्धता, शैक्षणिक गुणवत्ता और अन्य जिम्मेदारियों की जांच शुरू की गई। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि छात्रों की पढ़ाई पर किसी भी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से शिक्षकों के प्रदर्शन की नियमित निगरानी की जा रही है। जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन या लापरवाही पाई जाएगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की भी योजना बनाई जा रही है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए चलाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तय होगी। इस कदम को सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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