उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: 15 अहम प्रस्ताव मंजूर, गौ पालन, ईको टूरिज्म, गंगा एक्सप्रेसवे और श्रमिकों के हित में बड़े फैसले

गौ पालन से ईको टूरिज्म और गंगा एक्सप्रेसवे तक कई प्रस्ताव मंजूर

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देहरादून, 08 अगस्त 2026 । उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 15 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में गौ पालन को बढ़ावा देने, ईको टूरिज्म को मजबूत करने, गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने और श्रमिकों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार के इन फैसलों का असर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और श्रमिक वर्ग पर पड़ने की उम्मीद है।

सामान्य वर्ग को भी मिलेगा गौ पालन योजना का लाभ

कैबिनेट ने फैसला किया कि अब राज्य में संचालित गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग के लोग भी उठा सकेंगे। योजना के तहत लाभार्थियों को 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी और वे अधिकतम दो गाय या भैंस खरीद सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा।

गौ पालन को बढ़ावा देने पर जोर

कैबिनेट ने गौ पालन से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को प्रोत्साहन देने के साथ गौ आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पशुपालन को आय के अतिरिक्त स्रोत के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है। सरकार की योजनाओं के तहत गौ पालन से जुड़े लोगों को सुविधाएं और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता को देखते हुए कैबिनेट बैठक में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्ताव पर भी फैसला लिया गया। सरकार का प्रयास पर्यटन को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

ईको टूरिज्म के विस्तार से दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय होमस्टे, गाइड, परिवहन और अन्य छोटे कारोबारों को भी फायदा मिलने की संभावना है।

गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा फैसला

कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। उत्तराखंड के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था के लिहाज से इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बेहतर सड़क संपर्क से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन आसान होने के साथ व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। परियोजना से जुड़े अगले चरण में जमीन, निर्माण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है।

श्रमिकों के हित में भी फैसले

कैबिनेट ने श्रमिकों के हितों से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई। सरकार का फोकस श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।

श्रमिकों से जुड़े फैसलों का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र और अन्य असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत करना है।

विकास और रोजगार पर सरकार का फोकस

कैबिनेट के 15 फैसलों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन, सड़क कनेक्टिविटी और श्रमिक कल्याण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया। इससे साफ है कि सरकार विकास योजनाओं के साथ रोजगार और सामाजिक कल्याण को भी प्राथमिकता दे रही है।

विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाले फैसलों से स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

उत्तराखंड के लिए क्यों अहम हैं ये फैसले?

उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन और स्थानीय रोजगार प्रमुख मुद्दे हैं। ऐसे में ईको टूरिज्म और एक्सप्रेसवे से जुड़े फैसले आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। वहीं गौ पालन और श्रमिक कल्याण से जुड़े निर्णय ग्रामीण तथा श्रमिक वर्ग को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।

अब इन प्रस्तावों को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया अहम होगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद संबंधित विभागों की ओर से शासनादेश और कार्ययोजना के जरिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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