हरियाणा , 23 जून् 2026 । हरियाणा सरकार ने भूमि और संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0” प्रणाली लॉन्च कर दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस नई व्यवस्था की शुरुआत करते हुए कहा कि इससे लाखों किसानों, भूस्वामियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी तथा रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी।
“अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल भी शामिल”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुछ और सुधारो के साथ इसके दूसरे चरण की शुरुआत की जा रही है। इसमें अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल को भी शामिल किया गया है । मुख्यमंत्री सैनी ने बताया अब रजिस्ट्री के लिए आवेदन फार्म पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली बन गया। दोनों पक्षों के लिए आधार e-KYC अनिवार्य किया गया अनिवार्य। इस से पहचान की शत प्रतिशत पुष्टि होगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई रजिस्ट्री प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता हो तो अब वह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकता है । डीड को नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता अथवा हेल्प डेस्क के माध्यम से भर सकेंगे। अब रजिस्ट्री के समय संबंधित भूमि का कौन सा हिस्सा प्राइम श्रेणी में आता है और कौन सा नॉन प्राइम श्रेणी में इसकी जानकारी सिस्टम में स्वत दिखाई देगी। पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई है। अधिकतम तीन अवसरों के भीतर मामले का निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा। DTP और NOC के लिए अलग से दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी, विभागीय सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन, रिकॉर्ड प्रबंधन और रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी। इससे भूमि विवादों को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
किसानों और भूस्वामियों के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भूमि संबंधी कार्यों में अक्सर लंबी प्रक्रिया और दस्तावेजी जटिलताओं का सामना करना पड़ता था। नई प्रणाली लागू होने के बाद रिकॉर्ड तक पहुंच आसान होगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकार के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सुविधाओं के जरिए नागरिक अपने दस्तावेजों की स्थिति, सत्यापन और अन्य जरूरी जानकारियां ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
पेपरलेस रजिस्ट्री 2.0 को हरियाणा में ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था भूमि प्रबंधन और संपत्ति पंजीकरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।