नई दिल्ली, 17 जून् 2026 । संचिता की मौत के मामले में जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने परिवार और परिचितों को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, संचिता पिछले करीब छह महीनों से लगातार निराशा और जीवन से जुड़े नकारात्मक विचार व्यक्त कर रही थीं। परिजनों और करीबी लोगों का दावा है कि वह कई बार अपनी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता जाहिर करती थीं और अक्सर मरने जैसी बातें करती थीं।
वहीं सांसद रवि किशन ने भी इस केस पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने आत्महत्या को सबसे बड़ा पाप कहा है। इसी बीच AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) के प्रेसिडेंट ने एक्ट्रेस के सुसाइड मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हाई-लेवल जांच की मांग की है।
बताया जा रहा है कि संचिता के व्यवहार में पिछले कुछ महीनों के दौरान बदलाव देखा गया था। वह पहले की तुलना में अधिक शांत रहने लगी थीं और सामाजिक गतिविधियों से भी दूरी बना रही थीं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्होंने कई बार भविष्य को लेकर निराशा व्यक्त की थी, हालांकि उस समय किसी ने अंदाजा नहीं लगाया था कि स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है।
जांच एजेंसियां अब संचिता की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस उनके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों और करीबी लोगों के बयानों की भी जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
परिजनों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में लंबे समय तक उदासी, निराशा या आत्मघाती विचारों जैसे संकेत दिखाई दें, तो उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि ऐसे संकेतों की समय रहते पहचान और उचित सहायता कई दुखद घटनाओं को टाल सकती है।फिलहाल, मामले की जांच जारी है और अधिकारी सभी तथ्यों को जुटाने में लगे हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संचिता की मौत के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई।