बिहार के महाधिवक्ता पीके शाही ने दिया इस्तीफा: मुख्यमंत्री को भेजा पत्र, प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा

0

बिहार , 15 जून्‌ 2026 । बिहार के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) P. K. Shahi ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पद छोड़ने की इच्छा जताई है। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। महाधिवक्ता राज्य सरकार के प्रमुख कानूनी सलाहकार होते हैं, ऐसे में उनके इस्तीफे को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

बिहार सरकार में कभी मंत्री रह चुके शाही ने राजनीति छोड़ने के बाद खुद को वकालत के पेशे में समर्पित कर दिया था। उन्हें जनवरी 2023 में दूसरी बार राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह वर्ष 2005 से 2010 तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पहले कार्यकाल के दौरान भी महाधिवक्ता रह चुके थे। बाद में उनकी कार्यकुशलता से प्रभावित होकर नीतीश कुमार ने वर्ष 2010 में सत्ता में वापसी के बाद उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था।

पीके शाही लंबे समय से राज्य की ओर से विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों में अदालतों के समक्ष पक्ष रखते रहे हैं। उनके इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके कारणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

कानूनी और प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि महाधिवक्ता जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का इस्तीफा सरकार की कानूनी रणनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिहाज से अहम माना जाता है। ऐसे में राज्य सरकार अब नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर विचार-विमर्श कर सकती है। इस पद पर नियुक्त व्यक्ति राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कानूनी मामलों का नेतृत्व करता है और अदालतों में सरकार का पक्ष रखने में अहम भूमिका निभाता है।

पीके शाही के इस्तीफे से जुड़े घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा या नया फैसला सामने आ सकता है। फिलहाल उनके इस्तीफे ने बिहार के प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.