दिल्ली में महंगी हो सकती है बिजली, 500 यूनिट से ज्यादा खपत करने वालों पर बढ़ेगा बिल का बोझ

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नई दिल्ली, 13 जून्‌ 2026 । दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राजधानी में 500 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बढ़ोतरी का सामना करना पड़ सकता है। प्रस्तावित बदलाव के तहत उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क या संशोधित टैरिफ लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।

दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS) वसूलने की अनुमति दे दी है। ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार जिसे आमतौर पर PPAC भी कहा जाता है। DERC के इस फैसले का सीधा असर उन ग्राहकों पर होगा, जो 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं।

जानकारी के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों और नियामक स्तर पर बिजली दरों की समीक्षा की जा रही है। बढ़ती बिजली मांग, उत्पादन लागत, ट्रांसमिशन खर्च और वितरण से जुड़े वित्तीय दबावों को देखते हुए अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालने की तैयारी की चर्चा है। इसका सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जहां एयर कंडीशनर, हीटिंग सिस्टम और अन्य हाई-पावर उपकरणों का अधिक उपयोग होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 500 यूनिट से ऊपर की खपत पर नई दरें लागू होती हैं तो मध्यम और उच्च आय वर्ग के उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि कम खपत वाले उपभोक्ताओं और सब्सिडी श्रेणी में आने वाले परिवारों को तत्काल राहत मिलने की संभावना बनी रह सकती है। सरकार और बिजली कंपनियां इस बात पर भी विचार कर रही हैं कि ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अधिक खपत पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाए।

दिल्ली में बिजली सब्सिडी की व्यवस्था लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक चर्चा का विषय रही है। ऐसे में किसी भी नए टैरिफ ढांचे या शुल्क वृद्धि का असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। फिलहाल अंतिम निर्णय और आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन संभावित बदलाव की खबरों ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

यदि प्रस्ताव लागू होता है तो 500 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग पर विशेष ध्यान देना होगा। ऊर्जा दक्ष उपकरणों का इस्तेमाल, अनावश्यक बिजली खपत में कमी और स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन जैसे उपाय बढ़ते बिजली बिल से राहत दिला सकते हैं।

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