नई दिल्ली , 12 जून् 2026 । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच भी भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी विकास यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। मोदी ने नीति आयोग की शासी परिषद की 11वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जैसे-जैसे भारत ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, देश की सामूहिक जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग को विकसित भारत के लक्ष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति केवल केंद्र सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी और सहकारी संघवाद की भावना से ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। पीएम मोदी ने राज्यों से नवाचार, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल क्रांति, बुनियादी ढांचे के विस्तार, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने और स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और स्थिर गंतव्य बना हुआ है।
बैठक के दौरान विकसित भारत 2047 के विजन, कृषि आधुनिकीकरण, कौशल विकास, शहरीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले दो दशकों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर दीर्घकालिक रणनीति पर काम करना होगा। उन्होंने डेटा आधारित नीति निर्माण और परिणाम केंद्रित प्रशासन को समय की आवश्यकता बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई मोर्चों पर दबाव झेल रही है। ऐसे में भारत की विकास दर, निवेश क्षमता और आर्थिक स्थिरता को लेकर सरकार का आत्मविश्वास देश की आर्थिक दिशा को लेकर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। NITI Aayog की यह बैठक भविष्य की विकास रणनीतियों और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है।