बिहार , 30 मई 2026 । बिहार की राजनीति में एक बार फिर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर विवाद गहरा गया है। बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को भवन निर्माण विभाग द्वारा पटना के ’10 सर्कुलर रोड’ स्थित सरकारी आवास खाली करने का आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। इस आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि सरकार को बंगला खाली कराना है तो वह फोर्स भेजकर कार्रवाई करे, क्योंकि वह स्वयं इसे खाली नहीं करेंगी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
राबड़ी देवी का कहना है कि यह मामला केवल एक सरकारी आवास का नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्ष को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनिंदा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है।
दूसरी ओर, सरकार और प्रशासन का तर्क है कि सरकारी आवासों का आवंटन नियमों और पात्रता के आधार पर किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति की पात्रता समाप्त हो जाती है या आवास की आवश्यकता किसी अन्य अधिकृत पदाधिकारी को होती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे खाली कराना आवश्यक होता है। इसी नियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
10 सर्कुलर रोड का यह बंगला लंबे समय से राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र रहा है और राज्य की राजनीति में इसका विशेष महत्व माना जाता है। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। विपक्ष इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बता रहा है, जबकि सरकार इसे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि मामला केवल आवास तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि इसके साथ राजनीतिक संदेश और शक्ति प्रदर्शन भी जुड़ गया है। यदि प्रशासन बंगला खाली कराने के लिए आगे कोई कदम उठाता है, तो यह राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे क्या रुख अपनाता है और क्या यह मामला कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुलझता है या राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बनता है।