नई दिल्ली, 30 मई 2026 । दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब ट्रैफिक चालान का भुगतान मौके पर ही डिजिटल माध्यमों से किया जा सकेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने चालान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए ऑन-द-स्पॉट डिजिटल पेमेंट सिस्टम को बढ़ावा दिया है, जिसके तहत वाहन चालक UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्पों के जरिए तुरंत जुर्माना जमा कर सकेंगे।
ई चालान मशीनों से फिलहाल चालान के साथ-साथ पुराने चालानों का भी डिजिटल भुगतान सड़क पर तैनात ट्रैफिक कर्मियों की सहायता से किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को होने वाली असुविधा तो कम होगी ही साथ ही कैश रहित लेनदेन को भी बढ़ावा मिलेगा। अडिशनल पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) विजयंता गोयल आर्या ने बताया कि चालान का भुगतान डिजिटल रूप में करने की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए दिल्लीभर में फील्ड अधिकारियों को लगभग 1,500 नई ई-चालान मशीनें बांटी की जा रही है।
नई व्यवस्था के तहत ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के पास हैंडहेल्ड ई-चालान मशीनें और डिजिटल पेमेंट डिवाइस उपलब्ध होंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान जारी होने के साथ ही वाहन चालक को डिजिटल भुगतान का विकल्प दिया जाएगा। भुगतान पूरा होते ही रसीद भी डिजिटल रूप में उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे नकद लेन-देन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से चालान वसूली की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और भुगतान से जुड़े विवादों में कमी आएगी। साथ ही वाहन चालकों को अदालत या अन्य माध्यमों से चालान जमा करने की परेशानी से भी राहत मिलेगी। डिजिटल भुगतान प्रणाली के जरिए रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और भुगतान की जानकारी तुरंत संबंधित सिस्टम में अपडेट हो जाएगी।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस लगातार स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दे रही है। ई-चालान प्रणाली, सीसीटीवी आधारित निगरानी और ऑनलाइन सेवाओं के बाद अब मौके पर डिजिटल भुगतान की सुविधा नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक नियमों के अनुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था से नकदी पर निर्भरता कम होगी और सरकारी राजस्व संग्रहण प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। आने वाले समय में इस तरह की सुविधाओं का विस्तार अन्य शहरों में भी किया जा सकता है, जिससे देशभर में ट्रैफिक प्रबंधन और अधिक आधुनिक एवं तकनीक आधारित बन सके।