NEET पेपर लीक पर तेजस्वी यादव का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले- “23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़”
बिहार , 12 मई 2026 । बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) रद्द किए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं बल्कि “23 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़” है। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा सुरक्षा और सरकार की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव ने एक बयान जारी कर कहा कि बिहार और देश में प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं का “अंतहीन सिलसिला” थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति सरकार की प्रशासनिक क्षमता, इच्छाशक्ति और सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा, “क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकारों में इतनी भी प्रशासनिक क्षमता और इच्छाशक्ति नहीं है कि एक सामान्य परीक्षा का आयोजन बिना पेपर लीक के सुनियोजित ढंग से कराया जा सके, या फिर यह भी कोई ऐसा दांव है जिससे जनता की परेशानी के बीच सत्ता को लाभ मिलता रहे।”
NEET परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना लेकर शामिल होते हैं। प्रश्न पत्र लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। विपक्षी दल लगातार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं।
NTA और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आना सरकार की प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
इस मुद्दे को लेकर देशभर में छात्रों के बीच चिंता का माहौल है। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। सोशल मीडिया पर भी #NEETPaperLeak और छात्रों के समर्थन में अभियान तेज हो गए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे युवाओं के बीच बेहद संवेदनशील होते हैं। ऐसे में NEET पेपर लीक विवाद आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।