दुष्यंत बनाम हरियाणा पुलिस मामले में हाईकोर्ट सख्त, पुलिस जांच पर उठाए गंभीर सवाल
चंडीगढ़, 07 मई 2026 । दुष्यंत बनाम हरियाणा पुलिस से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि किसी भी मामले में बिना सभी पक्षों को सुने और तथ्यों की निष्पक्ष जांच किए कार्रवाई करना न्याय प्रक्रिया के खिलाफ है। कोर्ट ने विशेष रूप से हिसार के एसपी द्वारा पेश की गई दलीलों पर सवाल उठाते हुए जांच की निष्पक्षता को लेकर चिंता जाहिर की।
क्या है पूरा मामला?
दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी या पुलिस तंत्र के कुछ हिस्से उनकी जासूसी कर रहे हैं और उनकी गतिविधियों की गुप्त सूचनाएं जुटा रहे हैं। इस मामले में उन्होंने हिसार पुलिस और कुछ विशेष अधिकारियों की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया था।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस को किसी भी शिकायत या विवाद में पहले सभी संबंधित पक्षों का पक्ष सुनना चाहिए और उसके बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए। कोर्ट ने पूछा कि जब मामले के सभी तथ्यों की पुष्टि नहीं हुई थी, तब जांच की दिशा एकतरफा कैसे तय की गई। इस दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सुनवाई के दौरान हिसार एसपी की ओर से रखे गए तर्कों पर भी अदालत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि न्यायसंगत प्रक्रिया का पालन करना भी है। न्यायालय की इन टिप्पणियों के बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।
मामले को लेकर विपक्षी दलों ने भी हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि जांच कानून के दायरे में की जा रही है और अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। आने वाली सुनवाई में इस मामले में और महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।