सही जनगणना से ही संभव होगा समग्र और समावेशी विकास, CM योगी ने आंकड़ों की पारदर्शिता पर दिया जोर

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लखनऊ, 07 मई 2026 । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि किसी भी राज्य और देश के विकास की मजबूत नींव सही और पारदर्शी जनगणना पर आधारित होती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और संसाधनों से जुड़े आंकड़े सही होंगे, तभी सरकार योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर पाएगी और समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंच सकेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है, बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार है। आज का युग डेटा आधारित निर्णयों का है और जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़े आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि विकास की धारा में समाज का अंतिम व्यक्ति भी समान रूप से सहभागी बन सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों को दिशा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास, ग्रामीण विकास और शहरी योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े बेहद जरूरी हैं। सही डेटा के आधार पर ही सरकार जरूरतमंद क्षेत्रों और वर्गों की पहचान कर सकती है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना प्रक्रिया को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ पूरा करने की अपील की। CM योगी ने कहा कि अगर आंकड़ों में त्रुटि होती है तो विकास योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचने में बाधा आती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की सही जानकारी दर्ज करना राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समावेशी विकास का उद्देश्य तभी सफल हो सकता है जब समाज के हर वर्ग की वास्तविक स्थिति सामने आए। उन्होंने तकनीक के उपयोग और डिजिटल प्रक्रियाओं के जरिए जनगणना को अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बनाने पर भी जोर दिया। सरकार का मानना है कि सटीक जनगणना भविष्य की नीतियों और संसाधनों के बेहतर वितरण में अहम भूमिका निभाएगी।

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