लुधियाना नगर निगम का बड़ा आदेश—कर्मचारियों की ड्यूटी में बदलाव, कार्यप्रणाली होगी अधिक सख्त और जवाबदेह

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लुधियाना, 02 मई 2026 । पंजाब के प्रमुख औद्योगिक शहर लुधियाना में नगर निगम ने कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर नए आदेश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। हाल के निर्देशों के अनुसार, निगम ने विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए उनकी तैनाती और कार्य प्रणाली में बदलाव किया है।

इस काम के लिए नगर निगम के अधिकारियों द्वारा कई मुलाजिमों को डबल ड्यूटी दे दी गई है जिससे नगर निगम के रूटीन काम न होने कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मुलाजिमों की डबल ड्यूटी लगाने के फैसले से चुनाव आयोग के ऑर्डर का उल्लंघन हो रहा है, क्योंकि स्टेट इलैक्शन कमिश्नर द्वारा 7 अप्रैल को पत्र जारी किया गया है कि वोटर लिस्ट अपडेट करने के काम में लगाए गए मुलाजिमों को उसके अलावा जनगणना सर्वे या किसी अन्य कार्य पर न लगाया जाए। इस संबंध में पंजाब केसरी द्वारा खुलासा करने के बाद नगर निगम मुलाजिमों को डबल ड्यूटी नहीं करनी होगी जिसके लिए कमिश्नर ने सरकार द्वारा नए लगाए गए इंस्पैक्टरों को चारों जोनों में बांटकर जनगणना की जिम्मेदारी सौंप दी है जिससे नगर निगम में खाली पड़ी रहने वाली कुर्सियों पर मुलाजिमों के वापस लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।

इन आदेशों के तहत कई कर्मचारियों की ड्यूटी रोटेशन सिस्टम के आधार पर तय की गई है, ताकि किसी एक विभाग या क्षेत्र में लंबे समय तक एक ही कर्मचारी की तैनाती न रहे। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और कर्मचारियों की उपस्थिति तथा कार्य प्रदर्शन की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम प्रशासन ने साफ किया है कि अब फील्ड ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को निर्धारित क्षेत्रों में समय पर पहुंचना अनिवार्य होगा। अनुपस्थिति या लापरवाही की स्थिति में सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। यह कदम खासतौर पर सफाई व्यवस्था, बिल्डिंग शाखा और टैक्स कलेक्शन जैसे अहम विभागों में सुधार लाने के लिए उठाया गया है।

हाल ही में निगम में विभिन्न शाखाओं में फेरबदल और स्थायी नियुक्तियों के जरिए कामकाज को बेहतर बनाने की कोशिश भी की गई थी, जिससे जवाबदेही तय हो सके और अवैध निर्माण जैसे मामलों पर सख्ती से कार्रवाई हो सके।

इसके अलावा, नगर निगम तकनीकी सुधारों पर भी जोर दे रहा है। कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम और ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शहर की सफाई, टैक्स वसूली और शहरी विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाने में मदद करेगा। हालांकि, इसका प्रभाव पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि इन आदेशों का जमीनी स्तर पर कितना सख्ती से पालन किया जाता है।

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