भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा: स्कूलों में लागू हुआ ‘Water Bell’ Rule

0

नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026 । राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने स्कूलों में ‘Water Bell’ Rule लागू करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है।

विभाग की इस नई गाइडलान के अनुसार दिल्ली के प्रत्येक स्कूल में हर 45 से 60 मिनट के भीतर स्कूल की घंटी बजेगी। इसका मकसद छात्रों को पानी पीने की याद दिलाने के लिए होगी। सरकार ने साफ किया है भयानक गर्मी और स्टडी स्ट्रेस के बीच बच्चे अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं,जिसके चलते यह फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि लगातार बढ़ती हुई गर्मी और लू को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसका मकसद है कि बच्चों की सेहत न बिगड़े और उन्हें लू लगने से बचाया जाए।

इस नियम के तहत स्कूलों में नियमित अंतराल पर विशेष घंटी (Water Bell) बजाई जाएगी, ताकि बच्चों को समय-समय पर पानी पीने की याद दिलाई जा सके। अक्सर देखा गया है कि पढ़ाई और खेल-कूद के बीच बच्चे पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

सरकार का मानना है कि यह छोटा सा कदम बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने में बड़ा असर डाल सकता है। ‘Water Bell’ के जरिए छात्रों में पानी पीने की आदत विकसित होगी, जो लंबे समय तक उनके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद रहेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, भीषण गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है। खासकर बच्चों में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, जिससे वे जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। इस नियम के लागू होने से स्कूलों में एक सुरक्षित और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक वातावरण तैयार होगा।

सरकार ने स्कूल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे छात्रों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएं, साथ ही खेल-कूद की गतिविधियों को भी गर्मी के अनुसार सीमित करें। जरूरत पड़ने पर स्कूल के समय में बदलाव और छुट्टियों पर भी विचार किया जा सकता है।

यह पहल दर्शाती है कि सरकार केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रही है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.