कोलकाता , 20 अप्रैल 2026 । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके हालिया ‘झालमुरी खरीदने’ वाले दृश्य को महज एक “नाटक” करार दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम पहले से योजनाबद्ध था और मीडिया कवरेज के लिए कैमरे पहले से ही तैयार रखे गए थे।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने बीरभूम जिले के मुरारई विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा, “यह सब नाटक है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री पूर्व में तय कार्यक्रम के बिना अचानक रुके, उस समय वहां कैमरा कैसे मौजूद था? पूरा वाकया पहले से तय था। उन्हें जेब में 10 रुपये का नोट लिए देखा गया। क्या इस पर विश्वास किया जा सकता है?”
ममता बनर्जी ने कहा कि आम जनता से जुड़ाव दिखाने के लिए इस तरह के इवेंट्स को मंचित किया जाता है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों की वास्तविक समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे प्रतीकात्मक कदमों से जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जाती है।
दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह कदम जनता के साथ उनके सीधे जुड़ाव का उदाहरण है। उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी अक्सर बिना किसी पूर्व योजना के आम लोगों के बीच जाते हैं और स्थानीय संस्कृति से जुड़ते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए तेज होती जा रही है। विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला आने वाले समय में और भी तीखा हो सकता है, खासकर जब जनसभाओं और चुनाव प्रचार का दौर बढ़ेगा।
यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है, जहां एक पक्ष इसे ‘इमेज बिल्डिंग’ बता रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे ‘जनसंपर्क’ का स्वाभाविक तरीका मान रहा है।