नई दिल्ली, 20 अप्रैल 2026 । कांग्रेस नेता जयराम रमेश के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की टिप्पणियां ऐसे “देशों के हित” में जाती हैं, जो भारत के खिलाफ खड़े नजर आते हैं, और इसे “दलाल देश का पक्ष लेने” जैसा बताया।
जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा था कि पाकिस्तान का सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ”बहुत पसंदीदा” बन गया है जो कि भारत के लिए एक ”बड़ा झटका” है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने कूटनीतिक संपर्क की रणनीति में आमूल-चूल बदलाव करने की जरूरत है। आलोचना का जवाब देते हुए भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”पाकिस्तान की मित्र कांग्रेस द्वारा पाकिस्तान से निपटने के तरीके पर उपदेश देना पाखंड की पराकाष्ठा है।” उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों पर, उस समय केंद्र की सत्ता में रही कांग्रेस की प्रतिक्रिया में विफलता को याद दिलाया और उससे विदेश नीति पर ”उपदेश देना” बंद करने को कहा।
भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष को अधिक जिम्मेदारी से बोलना चाहिए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि Indian National Congress लगातार सरकार की विदेश नीति को कमजोर करने वाले बयान देती रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश जाता है।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि सरकार की नीतियों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है और इसे देशविरोधी करार देना गलत है। जयराम रमेश ने भी अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल नीतिगत खामियों को उजागर करना था, न कि किसी विदेशी ताकत का समर्थन करना।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के तीखे बयान और पलटवार आने वाले चुनावी माहौल का संकेत हैं, जहां सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग और तेज हो सकती है। खासकर विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर, यह विवाद अब केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा बन चुका है, जिसमें दोनों पक्ष अपनी-अपनी रणनीति के तहत एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं।