हरियाणा जेल प्रशासन का सख्त फैसला: पैरोल-फरलो से लौटने वाले कैदियों का अनिवार्य मेडिकल टेस्ट

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हरियाणा , 20 अप्रैल 2026 । हरियाणा में जेल प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब पैरोल या फरलो से लौटने वाले सभी कैदियों का अनिवार्य मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा। इस नए निर्देश का उद्देश्य जेलों के भीतर संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को रोकना है।

नई गाइडलाइंस के अनुसार, जैसे ही कोई कैदी जेल परिसर में वापस कदम रखेगा, 24 घंटे के भीतर उसका विस्तृत मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कैदी बाहर से नशा करके या अपने शरीर के अंदर नशीले पदार्थ छुपाकर जेल में न ला सके। जेल विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। वर्तमान में प्रदेश की जेलों में करीब 352 कैदी नशे के आदी पाए गए हैं। ये कैदी जेल के अंदर भी नशे की मांग करते हैं, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन भंग होता है। विभाग का मानना है कि पैरोल से लौटते समय कैदी अक्सर नशे की खेप अंदर लाने की कोशिश करते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, कैदी जब बाहर से वापस जेल में आते हैं, तो उनके जरिए किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा रहता है। इसी संभावना को देखते हुए अब प्रत्येक लौटने वाले कैदी की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। जांच में बुखार, संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी।

जेल विभाग ने सभी जेल अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि बिना मेडिकल जांच के किसी भी कैदी को बैरक में प्रवेश न दिया जाए। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध कैदियों को अलग वार्ड या आइसोलेशन में रखा जाएगा, ताकि अन्य कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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