हरियाणा , 20 अप्रैल 2026 । हरियाणा में हाल ही में सामने आए बैंक घोटालों के मामलों के बाद सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने अधिकारियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
अधिकारियों के लिए एस.ओ.पी. बनाने का कदम केवल एक घोटाले की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि नौकरशाही के कामकाज के तरीके में व्यवहारिक सतर्कता लाने की कोशिश है। प्रस्तावित नई एस.ओ.पी. के तहत अधिकारियों को अब रिकार्ड में किसी निजी व्यक्ति या संस्था से पहली मुलाकात का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना होगा। आवश्यक हो तो ईमेल-ऑफिशियल चैनल के माध्यम से ही संवाद किया जा सकेगा। अज्ञात नंबर से आए काल या मैसेज की सत्यता की पहचान करनी होगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन निर्देशों में बैंकिंग लेनदेन की नियमित मॉनिटरिंग, संदिग्ध खातों की पहचान और समय-समय पर ऑडिट सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखें और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करें।
इसके अलावा, अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे सरकारी योजनाओं से जुड़े फंड के उपयोग पर विशेष नजर रखें। किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि हाल के घोटालों में फर्जी खातों, कागजी लेनदेन और सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया गया था। ऐसे में अब तकनीकी निगरानी बढ़ाने, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम मजबूत करने और जिम्मेदारी तय करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।