होर्मुज रूट खुलने से तेल बाजार में राहत—कच्चा तेल 13% सस्ता, वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिली सांस
नई दिल्ली, 18 अप्रैल 2026 । वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य पूर्व के रणनीतिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz के दोबारा खुलने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट न केवल तेल आयात करने वाले देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
ईरान के होर्मुज रूट को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने के ऐलान के बाद क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) 13% सस्ता हुआ है। शुक्रवार, 17 अप्रैल को दाम करीब 13 डॉलर गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं।
एक दिन पहले क्रूड ऑयल की कीमत 99.39 डॉलर प्रति बैरल थी। 28 फरवरी को जंग शुरू होने से पहले कच्चा तेल 73 डॉलर प्रति बैरल था। जंग के दौरान 9 मार्च को दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए थे।
तब से पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तेल सस्ता होने से अब यह आशंकाएं भी खत्म हो गई हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। किसी भी तरह की रुकावट या तनाव यहां सीधे तेल की कीमतों को प्रभावित करता है। हाल ही में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण इस रूट पर असर पड़ा था, जिससे सप्लाई बाधित हुई और कीमतें बढ़ गई थीं। अब मार्ग के फिर से सुचारू होने से बाजार में स्थिरता लौटती दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सप्लाई में सुधार और जोखिम कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसके चलते कीमतों में गिरावट आई है। इसका सीधा फायदा भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को मिलेगा, जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतों और महंगाई पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि, जानकार यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि मध्य पूर्व का भू-राजनीतिक माहौल अभी भी संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में यदि दोबारा कोई तनाव बढ़ता है, तो कीमतों में फिर उतार-चढ़ाव आ सकता है।
कुल मिलाकर, होर्मुज रूट के खुलने से फिलहाल बाजार को राहत मिली है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता के लिए क्षेत्रीय शांति और सुरक्षित सप्लाई चेन बेहद जरूरी है।