पंजाब में सियासी भूचाल—कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर रेड से मची हलचल
पंजाब , 17 अप्रैल 2026 । पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के ठिकानों पर जांच एजेंसियों ने छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने आम आदमी पार्टी के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से हाय-तौबा मचाई जा रही है, उससे “दाल में कुछ काला” लग रहा है।
अनिल सरीन ने कहा कि ED की कार्रवाई कोई असाधारण बात नहीं है, बल्कि यह एक रूटीन और कानूनी प्रक्रिया है। यदि जांच एजेंसियों के पास कोई इनपुट आता है, तो कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि मंत्री या जनप्रतिनिधि बनने के बाद भी कोई व्यक्ति कानून और संविधान से ऊपर नहीं होता।
सूत्रों के मुताबिक, यह रेड कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य आरोपों के संबंध में की गई है। एजेंसियों की टीमें सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि इस रेड के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल, इस मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इसके दूरगामी राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।