पारदर्शिता पर जोर—अनिल विज का बड़ा आदेश, 1 करोड़ से अधिक की खरीद से पहले देनी होगी अनिवार्य जानकारी
हरियाणा , 16 अप्रैल 2026 । IDFS बैंक घोटाले के बाद हरियाणा सरकार अब पूरी तरह सतर्क हो गई है। अनिल विज ने प्रशासनिक पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। उनके निर्देश के अनुसार, अब किसी भी विभाग को 1 करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी करने से पहले इसकी पूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
यह आदेश विशेष रूप से तीन प्रमुख विभागों पर लागू किया गया है, जिन्हें खरीद प्रक्रिया से पहले प्रस्ताव, बजट, आवश्यकता और प्रक्रिया से जुड़ी सभी जानकारियां संबंधित उच्च अधिकारियों को उपलब्ध करानी होंगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी खर्चों में पारदर्शिता लाना और अनावश्यक या संदिग्ध खर्चों पर रोक लगाना है।
मंत्री के अनुसार, कई बार बड़ी खरीद प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में यह नई व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि हर बड़े खर्च की पहले से जांच और अनुमति हो, जिससे जवाबदेही तय की जा सके।
इस फैसले के तहत विभागों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे खरीद से पहले टेंडर प्रक्रिया, प्रतिस्पर्धी दरों और गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन करें। साथ ही, सभी दस्तावेजों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए ताकि भविष्य में किसी भी जांच के दौरान उन्हें प्रस्तुत किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस तरह के सख्त कदमों से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि सरकारी संसाधनों का बेहतर और प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होगा।
यह निर्णय प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में सहायक साबित हो सकता है।