डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल 15वें दिन भी जारी—मांगें पूरी होने तक आंदोलन तेज करने का ऐलान

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अल्मोड़ा,  07 अप्रैल 2026 । डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल लगातार 15वें दिन भी जारी है, जिससे कई सरकारी परियोजनाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। इंजीनियर्स ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हड़ताल के चलते विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। अभियंताओं की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष में प्रथम एसीपी के तहत 5400 ग्रेड पे, 16 वर्ष में 6600 और 26 वर्ष में 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति शामिल हैं।

हड़ताली इंजीनियर्स की मुख्य मांगों में वेतन विसंगतियों को दूर करना, पदोन्नति के अवसर बढ़ाना और सेवा शर्तों में सुधार शामिल हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से ये मुद्दे लंबित हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।

आंदोलनकारी इंजीनियर्स विभिन्न जिलों में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी कर रहे हैं। इस हड़ताल का असर निर्माण कार्यों, बिजली, सिंचाई और अन्य तकनीकी सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जिससे आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सरकार की ओर से बातचीत के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। अधिकारियों का कहना है कि मांगों पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने से विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है, इसलिए दोनों पक्षों को जल्द से जल्द बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

डिप्लोमा इंजीनियर्स का कहना है कि यह लड़ाई उनके अधिकारों और सम्मान की है, और वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता।

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