‘फिल्म सिटी’ से बदलेगा उत्तर प्रदेश का रचनात्मक परिदृश्य—योगी आदित्यनाथ बोले, युवाओं को मिलेगा बड़ा मंच
गोरखपुर , 06 अप्रैल 2026 । उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित फिल्म सिटी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में फिल्म सिटी की स्थापना से न केवल मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को भी अपनी कला दिखाने का एक सशक्त मंच मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”2017 से पहले किसने कल्पना की थी कि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी स्थापित होगी। बोनी कपूर कल मेरे पास आए और फिल्म सिटी की आधारशिला रखने के लिए 24 अप्रैल का समय मांगा।”
यहां रविवार को भाजपा की नगर इकाई द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी होती तो रवि किशन को मुंबई नहीं जाना पड़ता, आखिरकार वह एक कलाकार थे और एक कलाकार को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह फिल्म सिटी प्रदेश के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में अहम भूमिका निभाएगी। यहां फिल्म निर्माण से जुड़े सभी आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार और तकनीकी विशेषज्ञ एक ही स्थान पर काम कर सकेंगे। इससे राज्य में फिल्म उद्योग को नई दिशा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय से उत्तर प्रदेश के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए मुंबई या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब फिल्म सिटी बनने के बाद उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान भी मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म सिटी परियोजना से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। शूटिंग लोकेशन, स्टूडियो और अन्य सुविधाएं देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करेंगी, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही, इससे राज्य की संस्कृति, विरासत और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना योजनाबद्ध तरीके से लागू होती है, तो उत्तर प्रदेश फिल्म निर्माण के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे युवाओं को अभिनय, निर्देशन, लेखन, कैमरा वर्क, एडिटिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के नए रास्ते खुलेंगे।
इस पहल को राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य न केवल मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और रचनात्मक अवसरों का विस्तार करना भी है।