नई दिल्ली, 02 अप्रैल 2026 । Delhi की बेटियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में ‘लखपति बिटिया योजना’ लागू की गई है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत कुल ₹1.20 लाख तक की वित्तीय मदद अलग-अलग चरणों में दी जाएगी, जिससे बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अलग-अलग पड़ावों पर सरकार की ओर से कुल ₹61,000 की सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि निवेश के माध्यम से लड़की के 18 या 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक ब्याज सहित लगभग ₹1.20 लाख हो जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रकम किश्तों में जमा की जाएगी, लेकिन इसे लाभार्थी लड़की के बालिग होने पर ही निकाला जा सकेगा।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। जन्म के समय से ही सरकार द्वारा सहायता शुरू हो जाएगी, जो स्कूल में दाखिले, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा के विभिन्न चरणों में किश्तों के रूप में दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल बालिका शिक्षा को बढ़ावा देती हैं, बल्कि बाल विवाह और लिंग भेद जैसी सामाजिक समस्याओं को भी कम करने में सहायक होती हैं। आर्थिक सहायता मिलने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलती है और वे अपनी बेटियों की पढ़ाई बिना किसी वित्तीय दबाव के जारी रख सकते हैं।
योजना के तहत पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने की भी कोशिश की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार इसका लाभ उठा सकें। सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि हर जरूरतमंद बेटी तक इस योजना का लाभ पहुंचे।
यह पहल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों को और मजबूती देती है और समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और अवसरों की समानता को बढ़ावा देती है। आने वाले समय में यह योजना दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।