हरियाणा , 31 मार्च 2026 । हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में बन रही महत्वपूर्ण रेल टनल का करीब 61 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिससे आने वाले समय में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
हरियाणा के मुख्य सचिव एवं एच. आर. आई.डी. सी. के अध्यक्ष अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को यहां हुई निदेशक मंडल की 34वीं बैठक में प्रदेश की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि मंत्रिमंडल द्वारा हरियाणा ऑविंटल रेल कॉरिडोर (एब.जी.आर.सी.) परियोजना की संशोधित लागत लगभग 11,709 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई है। यह कॉरिडोर खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रेल कनैक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही हरियाणा एन. सी. आर. क्षेत्र में नए टाऊनशिप के विकास को भी गति देगा। यह परियोजना माल ढुलाई को तेज करने, परिवहन समय कम करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह टनल प्रोजेक्ट न केवल यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। खासतौर पर उन इलाकों में, जहां अब तक रेल संपर्क सीमित था, इस परियोजना के पूरा होने से आवाजाही काफी आसान हो जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस टनल के निर्माण में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि संरचना मजबूत और टिकाऊ हो। परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही में समय की बचत होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
Indian Railways इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रहा है। इसके साथ ही सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह टनल हरियाणा को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ेगी, जिससे राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही, यह परियोजना रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
कुल मिलाकर, Haryana में यह रेल टनल प्रोजेक्ट विकास की नई दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है और आने वाले समय में राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।