हरियाणा में 10,500 कर्मचारियों को बड़ी राहत: हाई कोर्ट के फैसले से नौकरी पर मंडराता खतरा टला

0

चंडीगढ़ , 28  मार्च 2026 । हरियाणा में करीब साढ़े 10 हजार कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Punjab and Haryana High Court ने एक अहम फैसले में इन कर्मचारियों की नौकरी को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, जिससे लंबे समय से चल रही अनिश्चितता पर विराम लग गया है।

हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश में ग्रुप सी व डी के करीब 53 हजार पदों के लिए आयोजित परीक्षा के परिणाम को रद्द करने व सामाजिक-आर्थिक आधार पर मिलने वाले 5 अंकों का लाभ दिए बिना सी.ई.टी. के आधार पर नए सिरे से मैरिट सूची तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ सरकार ने पुनर्विचार करने का आग्रह किया था। इससे पहले सामाजिक व आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर जारी विस्तृत आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि यह एक प्रकार से आरक्षण देने जैसा है। जब आर्थिक पिछड़ा वर्ग के तहत राज्य सरकार ने आरक्षण का लाभदिया है तो क्यों यह आर्टिफिशियल श्रेणी बनाई जा रही है।

यह मामला उन कर्मचारियों से जुड़ा था, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया और सेवा शर्तों को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ याचिकाओं में इन भर्तियों को चुनौती दी गई थी, जिसके चलते हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर संकट के बादल छा गए थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना गया।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि संबंधित कर्मचारियों को फिलहाल सेवा से हटाना उचित नहीं होगा और उनकी नियुक्ति को तुरंत प्रभाव से निरस्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब तक मामले का अंतिम निपटारा नहीं हो जाता, तब तक कर्मचारियों को कार्यरत रहने दिया जाए, ताकि उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर न पड़े।

इस फैसले से न केवल कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, बल्कि उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल है। लंबे समय से नौकरी जाने के डर में जी रहे कर्मचारियों ने कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत किया है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला “प्राकृतिक न्याय” के सिद्धांत को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिसमें किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्ण सुनवाई और ठोस आधार के सेवा से हटाना उचित नहीं माना जाता। साथ ही, कोर्ट ने सरकार को भी निर्देश दिए हैं कि वह इस मामले में पारदर्शिता और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करे।

अब सभी की नजरें इस मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल के लिए यह आदेश हजारों कर्मचारियों के लिए राहत और स्थिरता लेकर आया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.