झूठे दुष्कर्म केस में उगाही का मामला: मजदूर से 1.35 लाख की वसूली, थाना प्रभारी सस्पेंड
अमरोहा , 28 मार्च 2026 । उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक मजदूर से झूठे दुष्कर्म आरोप के नाम पर 1.35 लाख रुपये की अवैध वसूली किए जाने का खुलासा हुआ है। मामले की जांच के बाद संबंधित थाना प्रभारी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
पीड़ित ने लगाए ये आरोप
इस संबंध में पीड़ित रामदास निवासी ग्राम परोरा ने पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जितेंद्र, रुपवती और मुकेश ने मिलकर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। वहीं थाना रहरा पुलिस ने 20 मार्च को उसे थाने लाकर अवैध रूप से हिरासत में रखा। आरोप है कि समझौते के नाम पर पीड़ित से एक लाख रुपये नकद और 35 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से वसूले गए।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित मजदूर को एक कथित दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी दी गई थी। आरोप है कि इस डर का फायदा उठाते हुए उससे पैसे वसूले गए। मजदूर ने जब इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, तो मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरोप पूरी तरह से संदिग्ध थे और इसका इस्तेमाल केवल दबाव बनाकर पैसे वसूलने के लिए किया गया। इसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग में इस तरह की अनियमितताओं को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के मामलों में न केवल भ्रष्टाचार बल्कि न्याय प्रक्रिया का दुरुपयोग भी शामिल होता है, जो आम नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सख्त सजा और पारदर्शिता बेहद जरूरी है, ताकि लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था पर बना रहे।
यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि सिस्टम में जवाबदेही और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि कमजोर वर्गों का शोषण न हो सके।