एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का आगाज—जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से UP की इकोनॉमी को मिलेगी नई उड़ान
लखनऊ/नोएडा, 27 मार्च 2026 । उत्तर प्रदेश में विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन होने जा रहा है, जिसे एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगी, बल्कि आर्थिक विकास का एक बड़ा इंजन भी साबित होगी।
सरकार ने कहा कि यह परियोजना रोजगार को बढ़ावा देगी, निवेश आकर्षित करेगी और वैश्विक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नक्शे पर राज्य की मौजूदगी को भी मजबूत करेगी। बयान में बताया गया कि यह हवाई अड्डा कृषि, एमएसएमई, पर्यटन और उद्योगों जैसे अहम क्षेत्रों को सीधे वैश्विक बाजारों से जोड़ेगा। बयान के मुताबिक, इस हवाई अड्डे की सालाना क्षमता लगभग सात करोड़ यात्रियों और करीब 10 लाख टन माल को संभालने की होगी और इससे कृषि, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को नई रफ्तार मिलेगी।
यह एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा के पास जेवर क्षेत्र में विकसित किया गया है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस किया गया है। इसके संचालन से उत्तर प्रदेश को वैश्विक कनेक्टिविटी का बड़ा लाभ मिलेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर खुलेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट राज्य की GDP को तेज गति से बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग, और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट इस एयरपोर्ट के आसपास विकसित होंगे, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही, यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर के एयर ट्रैफिक का दबाव भी कम करेगी।
एयरपोर्ट के शुरू होने से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल बिजनेस डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। राज्य सरकार की योजना है कि एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास हो सके।
परिवहन के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद अहम है, क्योंकि यह एक्सप्रेसवे, मेट्रो और रेल नेटवर्क से जुड़ी होगी। इससे यात्रियों को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी, साथ ही माल परिवहन की लागत और समय दोनों में कमी आएगी।
कुल मिलाकर, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के लिए एक ‘गेमचेंजर’ साबित हो सकता है, जो राज्य को आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।