गया जी , 23 मार्च 2026 । बिहार में शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। गया में फल्गु नदी के किनारे करीब 16 किलोमीटर लंबी सड़क (मरीन ड्राइव) बनाने का खाका तैयार किया गया है। यह परियोजना पटना में बने मरीन ड्राइव की तर्ज पर विकसित की जाएगी, जिसने राजधानी के यातायात और सौंदर्यीकरण में बड़ा योगदान दिया है।
पटना के बाद अब गयाजी में मरीन ड्राइव बनाने का खाका तैयार हो गया है। गयाजी को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए बड़े कदम उठा रही है। पटना के जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) की सफलता के बाद अब गया की फल्गु नदी के किनारे भी शानदार मरीन ड्राइव बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। ये महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल गयाजी और बोधगया के बीच यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि फल्गु के किनारे सौंदर्यीकरण से पर्यटन की नई संभावनाएं भी पैदा करेगी। सरकार के इस फैसले से गयाजी की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार होगा और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं/सैलानियों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकेगा।
इस प्रस्तावित मरीन ड्राइव का उद्देश्य न केवल शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करना है, बल्कि गया को एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करना है। फल्गु नदी के किनारे बनने वाली यह सड़क बेहतर कनेक्टिविटी के साथ-साथ शहर के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाएगी।
परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस सड़क, पैदल पथ (वॉकवे), साइकिल ट्रैक, हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) और लाइटिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल की जाएंगी। इसके अलावा, नदी किनारे सौंदर्यीकरण और सार्वजनिक स्थानों का विकास भी योजना का हिस्सा है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को लाभ मिलेगा।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से गया की छवि एक आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में उभरेगी। साथ ही, रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, इस परियोजना के क्रियान्वयन में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृति और वित्तीय प्रबंधन जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इन पहलुओं पर संतुलित और पारदर्शी तरीके से काम करना जरूरी होगा, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
कुल मिलाकर, गया में प्रस्तावित यह मरीन ड्राइव परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने के साथ-साथ पर्यटन और शहरी विकास को भी गति देने वाली साबित हो सकती है