LPG संकट की आशंका पर उत्तराखंड सरकार की तैयारी, जरूरत पड़ने पर लकड़ी उपलब्ध कराने की बात

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देहरादून, 11 मार्च 2026 । उत्तराखंड में एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी को लेकर राज्य सरकार ने एक वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार शुरू कर दिया है। राज्य के वन मंत्री Subodh Uniyal ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में गैस सप्लाई में गंभीर कमी की स्थिति बनती है तो लोगों को खाना बनाने के लिए लकड़ी उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने इसे “संकट जैसे हालात” से निपटने की तैयारी बताया है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल की ईरान से युद्ध के चलते भारत में गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वैश्विक संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। उत्तराखंड में पुष्कर धामी सरकार ने भी आपातकालीन कदम उठाते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए फायरवुड उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि संकट जैसे हालात हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं। अगर एलपीजी की कमी हुई तो सरकार जलाने के लिए लकड़ी देगी।

वन मंत्री के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में कई बार परिवहन और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के कारण एलपीजी सिलेंडर समय पर नहीं पहुंच पाते। ऐसे में यदि अचानक गैस की कमी हो जाए तो ग्रामीण इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए वन विभाग के पास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है।

सरकार का कहना है कि यह कदम केवल आपात स्थिति के लिए होगा। सामान्य परिस्थितियों में एलपीजी की नियमित सप्लाई जारी रहेगी और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी इलाके में गैस की कमी होती है तो वहां अस्थायी रूप से लकड़ी उपलब्ध कराकर लोगों को राहत देने की कोशिश की जाएगी।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लकड़ी के उपयोग को नियंत्रित और सीमित रखना जरूरी होगा। इसलिए यदि ऐसी व्यवस्था लागू होती है तो इसे पूरी तरह नियमों और निगरानी के तहत ही किया जाएगा, ताकि जंगलों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

राज्य सरकार का मानना है कि पहाड़ी राज्यों में आपात परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था होना जरूरी है। इसी वजह से यह योजना तैयार की जा रही है ताकि गैस सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा आने पर लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित न हों।मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल की ईरान से युद्ध के चलते भारत में गैस आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस वैश्विक संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। उत्तराखंड में पुष्कर धामी सरकार ने भी आपातकालीन कदम उठाते हुए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए फायरवुड उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। वन मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि संकट जैसे हालात हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं। अगर एलपीजी की कमी हुई तो सरकार जलाने के लिए लकड़ी देगी।

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