पंजाब , 11 मार्च 2026 । पंजाब की राजनीति में इन दिनों ‘महिला सम्मान’ का मुद्दा जोर पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर राज्य की सत्तारूढ़ Bhagwant Mann सरकार और विपक्षी दल Indian National Congress के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। विवाद की शुरुआत कांग्रेस नेता और विधायक Sukhpal Singh Khaira के बयान से हुई, जिसके बाद Aam Aadmi Party और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।
कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैरा ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान को घेरते हुए महिला सम्मान और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और सरकार इस मुद्दे पर प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। खैरा के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरम हो गया।
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पलटवार किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस बिना तथ्यों के केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए ऐसे आरोप लगा रही है। AAP का दावा है कि भगवंत मान सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर कई योजनाएं और पहल चला रही है, जिनका उद्देश्य राज्य में महिलाओं को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
AAP नेताओं ने यह भी कहा कि विपक्ष मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का विषय राजनीति से ऊपर होना चाहिए और इस पर सभी दलों को सकारात्मक सहयोग करना चाहिए।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि सरकार को आलोचना से बचने के बजाय महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों पर जवाब देना चाहिए। पार्टी नेताओं का दावा है कि जब तक राज्य में महिलाओं को पूरी सुरक्षा और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
इस पूरे विवाद के बाद पंजाब की राजनीति में ‘महिला सम्मान’ का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है, क्योंकि दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।