बांग्लादेश में फिर हिंदू शख्स को भीड़ ने जलाया: धार्मिक हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
ढाका , 01 जनवरी 2026 । बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर फिर एक भयावह हमला हुआ, जब एक व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीटकर जिंदा जलाया। यह घटना देश में धार्मिक हिंसा और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, किसी विवाद या झगड़े के बहाने भीड़ ने हिंसा को अंजाम दिया।
बांग्लादेश में फिर से एक हिंदू शख्स को जलाने का मामला सामने आया है। शरियतपुर जिले में 31 दिसंबर को 50 वर्षीय खोकोन दास पर भीड़ ने हमला कर दिया।
खोकोन दास घर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पहले उन पर धारदार हथियारों से हमला किया गया, फिर बेरहमी से पीटा गया और आग के हवाले कर दिया गया। इस हमले में वे गंभीर रूप से झुलस गए।
घायल अवस्था में खोकोन दास को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी भीड़ और खुले तौर पर हुई हिंसा के दौरान क्यों समय पर कार्रवाई नहीं की गई। सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों ने त्वरित जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ घटनाओं की रिपोर्टिंग या बयानबाजी पर्याप्त नहीं है; अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा की है। मानवाधिकार संगठन और विदेशी सरकारें लगातार अल्पसंख्यक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश सरकार से जवाबदेही की मांग करती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात लंबे समय तक जारी रहे, तो सामाजिक स्थिरता और समुदायों के बीच भरोसा गंभीर रूप से प्रभावित होगा।
कुल मिलाकर, बांग्लादेश में हिंदू शख्स को भीड़ द्वारा जलाने की यह घटना धार्मिक हिंसा और अल्पसंख्यक सुरक्षा पर चिंताओं को उजागर करती है। प्रशासन, समाज और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए यह चुनौती है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं।