बंगाल में SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, चुनावी तैयारियों की दिशा में अहम कदम

0

कोलकाता , 16 दिसंबर 2025 । पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इसे आगामी चुनावों की तैयारियों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चुनाव आयोग की इस पहल का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की गुंजाइश कम की जा सके।

चुनाव आयोग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। राज्य में 58 लाख 20 हजार 898 वोटरों के नाम हटाने के लिए चिन्हित किए गए हैं। इनमें 24 लाख 16 हजार 852 नाम मृत वोटरों के हैं। 19 लाख 88 हजार 76 वोटर ऐसे हैं जो स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं।

इसके अलावा 12 लाख 20 हजार 38 वोटर लापता, 1 लाख 38 हजार 328 डुप्लिकेट या फर्जी, और 57 हजार 604 नाम अन्य कारणों से हटाने के प्रस्ताव में हैं। जिनका नाम हटाया गया है, वे फॉर्म-6 भरकर दस्तावेजों के साथ दावा कर सकते हैं।

इसके साथ ही घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम पूरा हो गया है। अब आगे दावा, आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।

SIR का दूसरा चरण फरवरी 2026 तक चलेगा और अंतिम वोटर लिस्ट 14 फरवरी 2026 को जारी होगी। इसके साथ ही देश के राजस्थान समेत 4 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी आज मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित किया जाएगा।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के जारी होने के साथ ही आम नागरिकों को अपने नाम, पता, उम्र और अन्य विवरणों की जांच करने का अवसर मिलेगा। जिन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं है, वे नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि गलत प्रविष्टियों, डुप्लीकेट नामों या मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भी दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। यह पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएगी।

कोलकाता पोर्ट से 74 हजार नाम हटे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 294 असेंबली एरिया में से सबसे ज्यादा नाम कोलकाता के चौरंगी और कोलकाता पोर्ट जैसे क्षेत्रों में कटे हैं। चौरंगी विधानसभा क्षेत्र में 74,553 नाम हटाए गए। यहां से विधायक तृणमूल कांग्रेस की नयना बंद्योपाध्याय हैं।

कोलकाता पोर्ट से कुल 63,730 नाम हटाए गए। इसका प्रतिनिधित्व सीनियर मंत्री फिरहाद हकीम करते हैं। वहीं मंत्री अरूप बिस्वास के टॉलीगंज में 35,309 नाम हटे। सबसे कम नाम बांकुरा जिले के कोतुलपुर से हटाए गए, जहां 5,678 नाम हटाए गए।

चुनाव आयोग ने बताया कि वोटर की मौत, दूसरी जगह शिफ्ट होना और डुप्लीकेट एंट्री के कारण उनके नाम लिस्ट हटाए गए हैं।

BJP विधायकों के क्षेत्रों में भी नाम कटे

अधिकारी ने बताया कि BJP के प्रमुख विधायकों के क्षेत्रों में नंदीग्राम से सबसे ज्यादा नाम कटे हैं। अग्निमित्रा पॉल की विधानसभा आसनसोल साउथ से 39,202 नाम हटाए गए। वहीं शंकर घोष के विधानसभा क्षेत्र सिलीगुड़ी से 31,181 नाम काटे गए।

राजनीतिक दृष्टि से भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का जारी होना अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में चुनाव हमेशा से ही बेहद प्रतिस्पर्धी रहे हैं और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में SIR के तहत की जा रही यह प्रक्रिया चुनावी पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के पश्चात अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग का कहना है कि उसका लक्ष्य निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय चुनाव सुनिश्चित करना है, जिसमें हर योग्य मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

Leave A Reply

Your email address will not be published.