DMK सांसद ने हाईकोर्ट जज को ‘RSS जज’ कहा—राजनीतिक और न्यायिक हलकों में विवाद गहराया

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नई दिल्ली, 05 दिसंबर 2025 । संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में शुक्रवार को तमिलनाडु से DMK सांसद टीआर बालू और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई। DMK सांसद ने एक मुद्दे पर बोलते हुए एक हाईकोर्ट के जज को ‘RSS जज’ कह दिया। किरेन रिजिजू ने इस पर तुरंत आपत्ति जताई।

रिजिजू ने कहा- आप एक जज को RSS का जज कैसे कह सकते हैं। यह संसद की मर्यादा का उल्लंघन है। आप एक जज के लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आप माफी मांगिए। न्यायपालिका पर कलंक लगाने की आपकी हिम्मत कैसे हुई।

इधर, राज्यसभा में विपक्ष ने इंडिगो में स्टाफ की कमी के चलते देश भर में फ्लाइट ऑपरेशन ठप होने के मुद्दे पर केंद्र से जवाब मांगा। रिजिजू ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू हालात की समीक्षा कर रहे हैं। केंद्र इंडिगो की क्या मदद कर सकता है, इसका आकलन किया जा रहा है।

प्रियंका गांधी ने सदन के बाहर कहा कि इंडिगो की समस्या सरकार के मोनोपोली मॉडल के कारण हुई है। सरकार ने देश की ज्यादातर चीजें चंद लोगों के हाथ में दे दी है। यह सही नहीं है। यह अर्थव्यवस्था, लोकतंत्र और देश के लिए अच्छा नहीं है। इससे पहले राहुल ने X पर कहा- इंडिगो की विफलता इस सरकार के मोनोपोली मॉडल की कीमत है।

शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे

संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को पांचवां दिन है। गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर दिल्ली के एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था। कई विपक्षी सांसद गैस मास्क पहनकर पहुंचे थे। विपक्षी सांसद एयर पॉल्यूशन के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहे हैं।

मुद्दे का बड़ा सवाल

यह मामला एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म देता है—
क्या जनप्रतिनिधियों को न्यायपालिका पर सवाल उठाने का अधिकार है, और यदि है, तो उसकी मर्यादा क्या होनी चाहिए?
लोकतंत्र में शक्तियों का संतुलन बेहद अहम होता है। ऐसे बयान संस्थानों के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा कर सकते हैं।

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