चंडीगढ़, पंजाब, 27 अक्टूबर 2026| उत्तर भारत के प्रमुख जलाशयों भाखड़ा और पौंग बांध में पानी का स्तर पिछले साल की तुलना में कम रहने से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए जल प्रबंधन महत्वपूर्ण हो गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) ने राज्यों को उपलब्ध पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करने और जल मांग को विवेकपूर्ण तरीके से नियंत्रित करने की सलाह दी है।
सितंबर के अंत में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भाखड़ा जलाशय में लगभग 5.7 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध था, जबकि इसकी कुल उपयोगी भंडारण क्षमता लगभग 8.5 अरब घन मीटर है। यानी जलाशय अपनी उपयोगी क्षमता का करीब 68 प्रतिशत भरा था। पौंग बांध का जलस्तर भी अपने ऐतिहासिक औसत से नीचे बताया गया था।
कम जल आवक के पीछे कमजोर मानसूनी वर्षा और हिमपात से मिलने वाले पानी में कमी प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इसका असर आगामी रबी सीजन में गेहूं सहित अन्य फसलों की सिंचाई की मांग पर पड़ सकता है। हालांकि, कम जलस्तर का अर्थ तत्काल जल संकट होना नहीं है।
BBMB और संबंधित राज्यों के सामने चुनौती उपलब्ध पानी का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने की है, ताकि कृषि, पेयजल और बिजली उत्पादन की जरूरतों को पूरा किया जा सके। आने वाले समय में जलाशयों का वास्तविक स्तर और पानी की आवक स्थिति की दिशा तय करने में अहम होगी।